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Gender Equality

स्त्री शक्ति - परिवार वाले ने ही किया विरोध

पारिवारिक पृष्ठभूमि -छाया अनुसूचित जाती समुदाय से है, छाया का परिवार एक निम्न वर्गीय परिवार है पति मजूदरी या छोटा मोटा काम करते है छाया रेवदर में पढ़ी लिखी और धान में इनकी ससुराल है इनके एक पुत्र है | 

राजनितिक सफ़र- छाया का कभी राजनीति से कोई लेना देना नही रहा लेकिन ससुराल में पहले इनके ससुर सरपंच रहे हुए है इस बार चुनावो में जब आठवी पास का नियम आया और धान पंचायत में अनुसूचित जाती महिला सिट आई तो छाया के ससुर ने छाया को चुनाव में खड़ा करने का फेसला किया | छाया नही चाहती थी लेकिन फिर भी उसे चुनाव लड़ना पड़ा, चुनाव में इनके सामने और उम्मीदवार भी थे लेकिन जीत छाया की हुई इसके पीछे इनके ससुर का राजनितिक केरियर था |

चुनाव जितने के बाद छाया को लगा उसे कही नही जाना पड़ेगा लेकिन जब संस्थान ने इन्हें महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम सरल संस्थान के लिए आमंत्रित किया और इनका बसे लाइन सर्वे फॉर्म भरा तो इन्हें लगा की इन्हें सरपंच होने के नाते कुछ जानकारिय तो होनी ही चाहिए तब इन्होने महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम सरल संस्थान में भाग लिया पहले ससुर तयार नही थे लेकिन संस्थान के समझाने पर इन्होने छाया को भेज दिया महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम सरल संस्थान में आने के बाद इन्हें लगा की इन्हें खुद ही अपना काम करना चाहिए लेकिन ससुर इन्हें रोकने लगे इसके बाद भी छाया पंचायत में जाने लगी व् बेठको में भाग लेने लगी ससुर द्वारा नाराजगी जाहिर करने पर कुछ समय के लिए छाया ससुराल से पीहर आ गई फिर संस्थान द्वारा बातचीत करके छाया के ससुर को समझाया गया तब उन्होंने छाया को काम करने की इजाजत दी | आज छाया स्वयं अपना कम करती है इस बिच छाया के एक बेटा हो गया है, वर्तमान  में छाया बच्चे व्  घर की जिम्मेदारी के साथ साथ पंचायत को भी भली भाती चला रही है |

धान पंचायत में छाया के कार्यकाल के काम

  • 13 cc रोड
  • 4 जॉब कार्ड
  • 7 विधवा पेंसन
  • 14 सामाजिक सुरक्षा पेंसन
  • 3 विशेष योग्य्जन पेंसन
  • 2 पालनहार
  • 6 पसु कातील
  • 7 हेद्पुम्प रिपेयर
  • 17 bpl परिवारों को गेस कनेक्सन
  • 13 बालिकाओ को शिक्षा से जोड़ना
  • 17 प्रधानमंत्री आवास
  • नरेगा के ठाट 3 खेतो में मेडबंदी
  • 4 रोड लाइट
  • 2 नाली निर्माण
  • १०० पोधारोपन

 #story10

स्त्री शक्ति - पुष्पा की हिम्मत और मेहनत रंग लायी

पारिवारिक पृष्ठभूमि -पुष्पा गर्ग अनुसूचित जाती समुदाय से है उनका पीहर गुजरात में है | वो आठवीं पास है पुष्पा के पति सिलाई का काम करते है और ससुराल एक मध्यम वर्गीय परिवार से है |

राजनीतिक सफ़र- पुष्पा के परिवार में कभी भी कोई राजनीती में नही रहा,  पुष्पा को कोई संतान नही होने के कारन ससुराल में इन्हें  परेशान  किया जाता था और इस वजह से पुष्पा पीहर रहने लगी थी |लेकिन जब 2015 के चुनाव में अनुसूचित जाती की सीट आई तो पढ़ी लिखी होने के कारण कुछ लोगो ने पुष्पा के ससुराल वालो को पुष्पा के लिए कहा तब पति पुष्पा को वापस मगरीवाडा ले आये | पुष्पा के सामने और उम्मीदवार भी थे लेकिन जीत पुष्पा के मधुर व्यवहार के कारण उसको जित मिली | जीतने के बाद पुष्प के पति व् उपसरपंच ने पंचायत की कमान सम्भाली लेकिन Pri महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम सरल संस्थान के बाद पुष्पा ने स्वयम काम करना शुरू किया जिस बात से पति व् ससुराल के लोग उनपर गुस्सा भी हुए | महिला पंच सरपंच सम्मेलन में पुष्पा को जाने ही नही दिया, लेकिन पुष्पा अपने काम में लगी रही पुष्पा की एनी महिला वार्ड पंच मशरु ने पुष्प के परिवार से समझाइश भी की की में भी अपना काम खुद देखती हु और हम सब है पुष्पा के साथ तब परिवार के लोगो ने पुष्पा का साथ देना शुरू किया | पुष्पा अपनी पंचायत में निर्माण कार्यो के अलावा भी किशोरियों व् महिलाओ के लिए काफी काम करती है उन्होंने बालिकाओ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल में सेल्फ डीफेनस की ट्रेनिंग करवाई इसके अलावा बालिकाओ की शिक्षा  के लिए उन्हें स्कूल से जोड़ने के लिए पुष्पा ने घर घर जाकर बालिकाओ की माँ पिता से बात की | जल स्वावलंबन के तहत पुष्प ने सभी गाव वालो से श्रमदान करवा के गाव के पुराने तालाब को साफ करवाया ताकि वर्षा जल को सरक्षित किया जा सके | इसके अलावा टीकाकरण को सुनिश्चित करने के लिए मिसन इंद्र धनुष के तहत भी पुष्प ने अपनी भागीदारी निभाई आज पुष्प अपने फेसले व् काम खुद करती है |

मग्रिवादा पंचायत में हुए कार्य-

  • 1 cc रोड
  • 16 बालिकाओ को विद्यालय से जोड़ना
  • 8 विधवा पेंसन
  • २ पालनहार
  • 9 सामाजिक सुरक्षा पेंसन
  • 2 निशक्त जन पेंसन
  • नरेगा के अंतर्गत ६ मेडबंदी
  • तलब खुदाई
  • पोधा रोपण
  • 45 प्रधानमंत्री आवश योजना में माकन
  • 25 bpl गेस कनेक्सन
  • 4 रोड लाइट
  • ५ परिवारों को बिजली कनेक्सन

#story9 

स्त्री शक्ति - सरपंच होकर भी लाचार

पारिवारिक प्रष्ठभूमि - लक्ष्मी कुवर ग्राम पंचायत भेरुगढ़ की सरपंच है उनके परिवार व् समाज के लोगो का ही इस पूरी पंचायत में वर्चस्व है लक्ष्मी कुवर आठवी पास है सरपंच के चुनाव में महिला सिट होने पर आठवी पास के कारण इन्हें खड़ा कर दिया गया |

भेरुगढ ग्राम पंचायत में अनुसूचित जाती समुदाय का बाहुल्य है इस पंचायत में पूर्व में जागरूक मंच भी था चुनाव के समय अनुसूचित जाती समुदाय की महिला भी खड़ी हुई लेकिन लक्ष्मी के परिवार के सामन्तवाद के कारण लक्ष्मी को ही जीत मिली | जीत के बाद कभी लक्ष्मी पंचायत में नही आई संस्थान द्वारा लक्ष्मी से मिलने के बहुत प्रयास किये गए लेकिन लक्ष्मी के परिवार ने कहा की चाहे पद से हटा दो जहाँ शिकायत करनी है कर दो न तो लक्ष्मी बहार आएगी न ही न आपसे मिलने दिया जाएगा वर्तमान में भी लक्ष्मी के परिवार के लोग ही इनके सब काम देखते है |

#story6

स्त्री शक्ति - हंजा ने बदला मालीपुरा का गाँव का रूप

हंजा की पंचायत में लडकियों की  पढाई जल्द ही छुड़ा देते है तो हंजा के सामने आये दिन लडकियों की बिच में पढाई छुडवा देने की समस्या आती है | हंजा अधिकतर उन लडकियों को वापस स्कूल भेजने के लिए प्रयास करती रहती है | हंजा के अनुसार कई बार लोग बहुत भला बुरा कहते है लेकिन में उनकी बातो में ध्यान ही नही देती हु इस वर्ष भी हंजा ने 7 लडकियों को वापस स्कूल से जुड़वाया | हंजा कहती है की किशोरी बालिका मंच द्वारा मुझे ये खबर मिलती रहती है की कोन लडकी बिच में पढाई छोड़ रही है और तब वह अन्य महिला वार्ड पंचों की मदद से उन्हें वापस स्कूल से जुड्वाती है हंजा की पंचायत में एक भवन नाकारा पडा है हंजा उसे किशोरी बालिका केंद्र में बदलवा रही है वो चाहती है की उस केंद्र में निरक्षर बालिकाए भी आये और अक्षर ज्ञान ले | 

सोनेला पंचायत के कार्य-

  • हंजा ने अपनी पंचायत में पानी की समस्या को दूर करने के लिए विधायक फण्ड से पानी की टंकी का निर्माण करवाया है
  • 36 bpl परिवारों को गेस कनेक्सन
  • 13 बालिकाओ को स्कूल से जोड़ना
  • 15 पसु केटल
  • 8 विधवा पेसन
  • 17 हेद्पुम्प रिपेयर
  • 6 खाद्य सुरक्षा में नाम जुडवाना
  • 1 बड़ी पानी टंकी का निर्माण
  • 17 cc रोड
  • 200 वर्क्षरोपन
  • 27 प्रधानमंत्री आवाश

 #stroy7

स्त्री शक्ति - मुन्ना भाई और सर्किट से जोड़ी है

राजस्थान के सिरोही डिस्ट्रिक्ट, आबू रोड तहसील के उमरनी गाँव की महिला सरपंच और उप-सरपंच की बात ही निराली है । सरपंच चंपा देवी ग्रासिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलती हैं उप-सरपंच नंदा जी । नंदा जी कहती हैं  " क्यूंकि मुझे ड्राइविंग करना आता है, इसलिए हम दोनों बहनें सब जगह जाते हैं । वह भी बहुत बोल्ड हैं किसी से डरती नहीं हैं । हम कोई बुरा काम नहीं कर रहे, तो किसी से क्यों डरें " । ये जोड़ी मिलकर कार्य करती है । दो महिलाओं को एक गाँव में सरपंच, उप सरपंच पद पर आसीन होना उमरनी के लोगों के लिए संभवतः अच्छा सिद्ध हो रहा है ।

चंपा देवी जी ने बताया की उन्होंने गाँव में

  • १५ लोगों को आवास के मकान दिलवाये हैं और १५ लोगों को आगे दिलवाने वाली हैं ।
  • गर्मियों में पानी की समस्या दूर करने के लिए बोरिंग खुदवाया है । पीने के लिए फ़िल्टर RO लगवाने की भी योजना है । 
  • दो नए हैंडपंप भी खुदवाएं हैं अभी । हैंडपंप ख़राब होते हैं तो तुरंत मिस्त्री को बुलवाकर ठीक करवाते हैं ।
  • पंचायत में पहले टॉयलेट नहीं थे । परन्तु अब यहाँ टॉइलट बनवाये जा चुके हैं । साथ-साथ और घरों में भी टॉयलेट बनाने का कार्य गतिशील है ।
  • गाँव में सोलर लाइट भी लगवाई गयी हैं ।
  • गाँव में सड़क बनवानी थी , परन्तु पंचायत को इतना फण्ड नहीं मिलता सो MLA साहब के फण्ड द्वारा रोड निर्मित की गई है ।
  • गाँव में ट्यूबवेल खुदवा के टंकी भी बनाई है । स्कूल में टंकी से नल कनेक्शन करवाए हैं ।
  • स्कूल के उद्धार के लिए इस जोड़ी ने और भी काम किये । स्कूल से जाने वाले नाले को बंद करवाया जहाँ बच्चों के गिरने का खतरा होता था ।
  • रोतलहटी से उमरनी गाँव को जोड़ने वाली एक ही रोड है जो सही नहीं थी । बीच में ३ बरसाती नाले हैं, बरसात में वो रास्ता बंद हो जाता है । MLA साहब को कई चिठ्ठियां दी , कई बार उनके घर गए , pwd  ऑफिस कई बार गए | और निरंतर मेहनत करने के बाद ही सड़क बनवाने का कार्य सफल हो पाया ।ड के किनारे स्कूल स्थित होने से गाड़ियों की आवाज़ें बहुत आती थीं । इसलिए स्कूल की दीवारें और ऊँची करवाई हैं ।

उप सरपंच नंदा जी बताती हैं की वार्ड मेंबर भी ६ लोग महिला हैं  | गाँव के हरिनाथ चौधरी - (प्रिंसिपल ऑफ़ उमरनी राजकीय विद्यालय) ने बताया उनके यहाँ उन्हें पंचायत से पूरा सहयोग मिलता है और हाल ही मैं उनके स्कूल का कंपाउंड वाल बनाया गया और हैण्ड पंप रिपेयर किया है पानी के लिए अब कही भटकना नहीं पड़ता है पंचायत अच्चा काम कर रही है | 

#story5