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   ३० मार्च २०१३ सिरोही ज़िला में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ब्रह्माकुमारीज के  मनमोहिनीवन परिसर में एक विशेष कार्यक्रम महिला अध्यापिकाओं के लिए आयोजित किया गया | सर्व शिक्षा अभियान सिरोही एवम रेडियो मधुबन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पाँच ब्लॉक की महिला अध्यापीकाओं को आमंत्रित किया गया था | उद्घाटन सत्र में संस्थान के शन्तिवन परिसर के प्रबंधक बी.के. भूपाल जी ने शिक्षा में महिला अध्यापीकाओं के महत्व पर प्रकाश डाला | एजुकेशन विंग की मुख्यालय संयोजिका राजयोगिनी शीलू दीदी ने नारी सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए अध्यापिकों को स्वमान, ज़िम्मेवारी एवम अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दी |

 

ज़िला शिक्षा अधिकारी सैयद अली जी ने अपने संबोधन में कहा की ये बहुतही अच्छा मंच है जहा पाँच ब्लॉक की महिला अध्यापीकाएँ एक साथ मिलकर कार्यशाला कर रही है | एक दूसरे से मिलने से अनुभव बढ़ता है मुझे आशा है की आप लोग यहाँ से जाने के बाद बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने का कार्य और भी उत्साह करेंगे साथ साथ यह भी सुनिस्चित करेंगे की जो बालिकाए अभी पढ़ रही है वो आगे भी पढ़ती रहें |  श्रीमती क्रांति राठोड - अध्यापिका संयोजिका मुंगथॅला, आबू रोड ने कहा की अध्यापीकाओ को आज़ाद मंच चाहिए था जिस मे वो अपनी बात रख सकें और अपने बल पर कुछ नया करके दिखा सकें |

कार्यक्रम के दौरान रेडियो मधुबन द्वारा एक लिखित आवेदन पत्र दिया गया | जिसमे आबू रोड और पिंडवाडा ब्लॉक के विद्यार्थियों के लिए रेडियो मधुबन द्वारा प्रसारित विशेष कार्यक्रम " पाठशाला "  के लिए स्कूल समय सारिणी में विशेष क्लास रखने का अनुरोध किया गया | कांतिलाल क्षत्री - परियोजना अधिकारी सिरोही ने रेडियो पर विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रम " पाठशाला "  को सराहते हुए कहा की यह प्रसारण  एक नया और आधुनिक कदम होगा जिससे अध्यापक और विद्यार्थियों दोनों को लाभ मिलेगा और एक सकरात्मक बदलाव आएगा | कार्यक्रम के अंत में कांतिलाल क्षत्री ने रेडियो मधुबन को धन्यबाद देते हुए कहा की  रेडियो मधुबन के सहयोग के बिना इतना अच्छा आयोजन संभव नही था | 

 इस कार्यक्रम में  पूनम सिंघ, भूरारामजी , पूर्णिमा पटेल, मानाराम कोली,कमलेश ओझा के सहित २०० महिला अध्यापिकाओं ने हिस्सा लिया | कार्यक्रम के दौरान रेडियो मधुबन द्वारा कार्यक्रम की रेकॉर्डिंग एवम कुछ भेट-वार्ताएँ प्रसारण हेतु रिकॉर्ड की गयी जिस का बाद में कार्यक्रम मेरा गाँव मेरा आँचल में प्रसारण किया गया |